The Tea Always Gets Over, Such Is The Complain

Art by Henriette Ronner Knip

Sad souls seeking salvation: slowly sipping sips of saline tea - too much salt in the sea and their eyes; the sea floods, their eyes do not. To their rescue comes whiffs of smoke blown from cigarettes stuck between their coarse lips devoid of kisses; when they are not stuck between their lips, they are… Continue reading The Tea Always Gets Over, Such Is The Complain

ऊबन-दूबन

Icarus Drowning

आसमां बेहता है बादलों को बाहों में लेके, मैं बेहता हूं जब तुम बाहों में होती हो। बाहों में होती भी हो क्या? आज रात बाहें हमारी खाली है, कल रात भी खाली थी, कल भी शायद खाली होंगी। खालीपन है भरा पड़ा, भरा भी तो है ये दिल तो तुम्हारे प्यार से। सांस लूं… Continue reading ऊबन-दूबन

मोरनी

Peacock

उमंग ने राह ली तुम्हारे रस्ते — धूप को चेहरे पर लपोता, निकल पड़ा, खोंसे कान में एक मोर का टूटा पंख। मैं तो शायद मोर हूं तुम्हारे लिए, पर अबकी बार बरसात ही नहीं होती। *** Find the art here.

बिना पेंदे के प्याले

Art by Andrea Meyer

जान जाती है जब आप उठ कर जाते हो, या फिर बस ऐसा लगता है हमें। ये जो जान है वो सिमट कर रह जाती है हमारी मुट्ठी में। इन एहसासों को भर देता एक कटोरे में, और घोल के पी जाता एक प्याले में जिस पर लिखा था आपका नाम कभी। जब आपके रस्ते… Continue reading बिना पेंदे के प्याले