तुम्हारी नज़रें मुझ पर पहरा डालतीं हैं

Art by Frank Frazetta

दुनिया से मैंने अपनी नज़रें चुराई तो वो तुम पर आ पड़ीं। और तुम इठलाते हुए, बलखाते हुए, इतराते हुए, अपनी ज़ुल्फ़ों को लहराते हुए वहां पर आई, और मुझे ऐसा लगा कि किसीने छेनी और हथौड़े से मेरे दिल में तुम्हारा चेहरा तराश दिया हो। अब तो बस ये मेरा दिल है जो तुम्हारा… Continue reading तुम्हारी नज़रें मुझ पर पहरा डालतीं हैं